Saturday, October 15, 2011

‘गरीबी, बेरोजगारी है ग्लोबल हंगर इंडेक्स में देश के पिछड़ने का कारण’


हाल ही में जारी किए गए अतंरराष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान (इंटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट) के ग्लोबल हंगर इंडेक्स में 84 देशों की सूची में भारत का 67 वां स्थान है। पड़ोसी देश चीन और पाकिस्तान की स्थिति भारत से बेहतर है। इस बारे में सामाजिक कार्यकर्ता और फिल्म अभिनेत्री नफीसा अली ने कहा कि आज भी देश के ज्यादातर लोग गांवों में निवास करते हैं तथा अशिक्षा एवं बेरोजगारी के कारण लोगों को पर्याप्त भोजन और पोषण नहीं मिल पाता। गरीबी, महंगाई और पोषण के बारे में जानकारी न होने के कारण भारत इस सूची में इतना नीचे है। जब तक इन पर ध्यान नहीं दिया जाता तब तक स्थिति में खास बदलाव आना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि सरकार इसके लिए ‘काम के बदले अनाज’ जैसे कार्यक्र म भी चला रही है लेकिन साथ ही जरूरी है कि गोदामों में सड़ने वाले अनाज को खराब होने से पहले गरीबों तक पहुंचाया जाए। एक गैर सरकारी संगठन के लिए काम करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता प्रीति अग्रवाल ने कहा कि सरकार के कार्यक्र मों के जरिए उनके लिए मुहैया कराई गई खाद्य सामग्री भी भ्रष्टाचार के कारण जरूरतमंद लोगों तक नहीं पहुंच पाती। प्रीति ने कहा, भारत में लोगों को पर्याप्त भोजन न मिलने के पीछे एक कारण बेरोजगारी भी है। हमारी संस्था में कई ऐसी महिलाएं आती हैं जिनके पतियों की मृत्यु एचआईवी एड्स के कारण होने से लोग उन्हें काम देने से कतराते हैं और इसलिए वे अपना और अपने बच्चों को पालन पोषण ठीक से नहीं कर पातीं। जेएनयू के प्रो. डीके दाश, एम्स के आहार विज्ञान विभाग के प्रो. उमेश कपिल ने भी अपने विचार रखे। इंडेक्स में देश के पिछड़ने का कारण’
वि खाद्य दिवस आज