Wednesday, May 23, 2012

हर 20 सेकेंड पर एक बच्चे की होती है निमोनिया से मौत

दुनिया में हर 20 सेकेंड में एक बच्चे की मौत निमोनिया से होती है। देश में निमोनिया बच्चों के लिए सबसे घातक बीमारियों में से एक है। इससे हर साल पांच साल की उम्र से कम 3.70 लाख से अधिक बच्चों की मौत होती है। दिल्ली हार्ट एंड लंग संस्थान कार्डियोलॉजी सेंटर के निदेशक डॉ. अनिल ढल ने कहा कि देश में निमोनिया के हमले से हर साल 60 लाख से अधिक बच्चे प्रभावित होते हैं। उन्हें सेहत संबंधी कई तरह की दीर्घकालीन परेशानियां हो जाती हैं। बच्चों में निमोनिया एवं रोकथाम विषयक गोष्ठी में डॉ. ढल ने कहा कि वैिक स्तर पर हर 20 सेकेंड में एक बच्चे की मौत निमोनिया से होती है। हर साल करीब 14 लाख बच्चों की मौत इस बीमारी से होती है। वल्लभ भाई पटेल चेस्ट संस्थान में सन एवं फेफड़ा संबंधी संक्रमण विभाग के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार ने बच्चों में बढ़ती निमोनिया के मामलों के लिए प्रसूति केंद्रों में हॉस्पिटल संक्रमण एवं वहां स्थापित फोटो थेरेपी नर्सरी में स्वच्छंदता का संतोषजनक इंतजाम नहीं होना बताया। उन्होंने सभी अस्पताल प्रमुखों को सुझाव दिया कि वे अपने यहां पीडियाट्रिक नर्सरी में हॉस्पिटल इंफेक्शन मुक्त करने पर विशेष एहतियात बरतें। ऐसा करने से कम से कम 10 फीसद बच्चों के जीवन को निमोनिया समेत अन्य कई जन्म के बाद होने वाले रोगों की गिरफ्त में आने से बचाया जा सकता है।

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