एक नए विश्लेषण में कहा गया है कि बच्चों को परंपरागत दवाओं के बदले वैकल्पिक दवाएं, जैसे होम्योपेथिक कई बार उन पर घातक डाल सकती हैं। ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने 2001 से 2003 के दौरान बाल रोग विशेषज्ञों के पास आने वाले कई मामलों का अध्ययन किया। इस शोध के दौरान वैकल्पिक दवाओं, जैसे हर्बल दवाएं, विटामिन सप्लीमेंट्स और नेचुरोपेथिक दवाओं के संदेहास्पद दुष्प्रभावों का अध्ययन किया गया। शोधकर्ताओं को इस दौरान दुष्प्रभाव के 39 मामले मिले, जिनमें चार बच्चों की मौत भी हो गई थी। शोध के परिणाम आर्काइव्स ऑफ डिसीज इन चाइल्डहुड जरनल के ऑनलाइन संस्करण में प्रकाशित हुए हैं। परंपरागत दवाओं के दुष्प्रभावों पर निगरानी रखने के लिए कई निगरानी तंत्र हैं, लेकिन वैकल्पिक थेरेपियों के दुष्प्रभावों पर निगरानी रखने के लिए अब तक कोई शोध नहीं हुआ था।
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