Sunday, December 26, 2010

सर्दी में महिलाओं में हार्टअटैक का खतरा ज्यादा

छह गुना ज्यादा तक बढ़ जाता है खतरा, जबकि पुरुषों में तीन गुना
गिरते पारे से राजधानीवासियों को ठंड से तो दो चार होना ही पड़ रहा है, हृदय रोगियों को दोहरी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार सर्दी के मौसम में हृदय रोगियों की धमनियों में रक्त प्रवाह की गति में कमी होने लगती है। दिल की धड़कन स्लो होने से हृदयाघात की संभावनाओं की पुनरावृत्ति आम मौसमों की अपेक्षा 40 फीसद अधिक हो जाती है। एम्स में सीटीवीएएस विभाग के अध्यक्ष डा.बीके बहल के अनुसार महिलाओं में हृदयाघात का खतरा 6 गुना बढ़ जाता है जबकि पुरुषों में तीन गुना बढ़ता है। यह खतरा बिना धूम्रपान करने वालों की तुलना में उन लोगों में बढ़ता है जो एक दिन में कम से कम 20 सिगरेट पीते हैं। दरअसल ओपीडी में ऐसे मामले आजकल ज्यादा आ रहे हैं, जिनकी कुछ समय पहले बायपास व एंजियोग्राफी की गई है। इसमें वे रोगी भी शामिल हैं जिनकी बीते कुछ सालों के दौरान हृदय तंत्रिकाओं की सर्जरी हो चुकी है। ऐसे रोगियों के रेगुलर जांच में यह पाया गया कि उनके खून की वाहिकाओं में रक्त गाढ़ा होने, थक्क ा बनने की रफ्तार तेज हो जाती है। इसलिए नवम्बर से जनवरी के दौरान ऐसे रोगियों को विशेष एहतियात बरतनी चाहिए। इंडियन हार्ट फाउंडेशन के अध्यक्ष डा. आरएन कालरा ने कहा कि नवम्बर से 15 दिसम्बर के दौरान 1800 लोगों के स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग में पाया गया कि दिल के रोगी सामान्य दिनों की अपेक्षा खानपान, जीवनशैली स्लो कर देते हैं। जो हार्ट अटैक का सबब बनते हैं। इनके लिए जरूरी है कि नियमित व्यायाम करें। मदिरा, सिगरेट, तैलीय खाद्य वस्तुओं का सेवन करने से बचें। आर्टिमस अस्पताल के कार्डियक सर्जन डॉ. अनिल ढल ने कहा कि तापमान गिरने से इसका असर शरीर में रक्त प्रवाह करने वाली नलिकाओं पर पड़ता है। हृदयाघात के साथ ही ब्रेन अटैक, लकवाग्रस्त होने जैसे मामलों में वृद्धि हो जाती है। उन्होंने 50 की उम्र पार करने वाले रोगियों को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी और कहा कि खुद ही अपने जीवन को बचाने के लिए नियमित व्यायाम जरूर करें। हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. केके अग्रवाल ने अपने मन से दवाएं नहीं लेने की सलाह दी। दिल के रोगियों को धूम्रपान से बचना चाहिए।

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