Monday, December 27, 2010

मृत घोषित बच्चे में एक घंटे बाद हरकत, अस्पताल ने पल्ला झाड़ा

अस्पताल के एक कर्मचारी ने बच्चे को किया मृत घोषित
दफनाते समय बच्चे में देखी गई हरकत
सिरसा (एसएनबी)। रविवार को डबवाली रोड स्थित एक निजी अस्पताल के एक कर्मचारी ने कथित रूप से एक बच्चे को मृत घोषित कर दिया। परिजन मृत बच्चे को दफनाने जब शिवपुरी में पहुंचे तो बच्चे में हरकत देखी गई। परिजनों बच्चे को एक अन्य निजी अस्पताल में दाखिल कराया है। इस बच्चे का इलाज कर रहे डॉक्टर का कहना है कि अविकसित बच्चों के साथ ऐसा हो जाता है। उधर बच्चे का पहले इलाज करने वाले डॉक्टर ने कहा कि उन्होंने बच्चे को मृत घोषित नहीं किया था लेकिन उसकी हालत गंभीर बताई थी। रानियां रोड पर बाबा बिहारी की समाधि के समीप रहने वाले युवक विनेद कुमार ने बताया कि बीस दिन पहले उसकी पत्‍नी सरोज रानी ने एक बच्चे को जन्म दिया था। बच्चा कमजोर है। इस कारण उसे डा. आरएम बाना के अस्पताल में दाखिल कराया था जिसे बाद में घर ले आए। रविवार सुबह आठ बजे बच्चे की तबियत अचानक खराब हो गई तो वह बच्चे के साथ निजी अस्पताल पहुंचे। उस समय डा. आरएम बाना नहीं थे लेकिन अस्पताल के ही एक अन्य कर्मचारी ने बच्चे को देखकर बताया कि बच्चे की मौत हो चुकी है। विनोद कुमार ने बताया कि बच्चे को घर लेकर पहुंचे और बाद में बच्चे को दफनाने के लिए परिजन शिवपुरी ले गए। दफनाते समय बच्चे में हरकत देखी गई। उसे फिर डबवाली रोड स्थित एक नर्सिग होम में ले जाया गया जहां पर बच्चे का उपचार हो रहा है। बच्चे का उपचार कर रहे डा. राजेंद्र सिंह सरां ने बताया कि बच्चे को कृत्रिम श्वांस दी जा रही है लेकिन हालत गंभीर बनी हुई है। उन्होंने बताया कि बच्चे का दिल सामान्य गति से धड़क रहा है। उधर डा. बाना का कहना है कि मैंने बच्चे के परिजन को कहा था कि बच्चे की हालत गंभीर है। उसे भर्ती कराना पड़ेगा फिर भी वे बच्चे को घर ले गए। मेरी अनुपस्थिति में किस कर्मचारी ने बच्चे को मृत करार दिया, उसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

No comments:

Post a Comment