Wednesday, December 29, 2010

बहरा बना रहे हैं म्युजिक प्लेयर

17 फीसदी युवक और युवतियां हियरिंग लॉस की समस्या से ग्रस्त हैं
24 घंटे तक तेज ध्वनि में संगीत सुनने से होता है बहरेपन की समस्या में 20 फीसदी इजाफा
न्यूयार्क। एक नए शोध में खुलासा किया गया है कि पोर्टेबल ऑडियो प्लेयर से गाना सुनने की शौकीनों को बहरेपन की शिकायत हो सकती है। हालांकि महिलाओं की तुलना में पुरुषों में हियरिंग लॉस यानी इस तरह के बहरेपन के लक्षण अधिक देखे जाते हैं। शोध के मुताबिक अब महिलाएं भी इस तरह की समस्या दो चार होने लगी हैं।
हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में शीर्ष शोधकर्ता एलिजाबेथ हेन्डरसन ने बताया कि किशोरवय युवक और युवतियों की हियरिंग क्षमता को जानने के लिए किए एक परीक्षण में पाया गया कि औसतन 17 फीसदी युवक और युवतियां हियरिंग लॉस की समस्या से ग्रस्त थे यानी हर छठवां बहरेपन की परेशानी से जूझ रहा था, जिनमें से कुछ को तो बगल वाले की आवाज तक सुनने में मुश्किल हो रही थी और कुछ तो हाई स्पीड साउंड भी सुनने में अक्षम थे। हालांकि रिपोर्ट में युवतियों में हियरिंग लॉस की समस्या का उल्लेख नहीं किया गया है लेकिन हेन्डरसन कहती हैं कि युवतियों में हियरिंग लॉस की समस्या इसलिए उत्पन्न हुई है क्योंकि किशोरवय युवतियां हेडफोन पर काफी तेज आवाज में गाना सुनना पसंद करती हैं। हालांकि माना जाता है कि युवक ज्यादा तेज आवाज में संगीत सुनना पसंद करते हैं, लेकिन बदलते दौर में पोर्टेबल म्युजिक प्लेयर की पहुंच युवक व युवतियों में समान रुप में पहुंचने से अब दोनों ही अपने हेडफोन से तेज आवाज में संगीत सुन रहे हैं। हेन्डरसन कहती हैं कि यदि कोई युवक हेडफोन से लगातार 24 घंटे तक तेज आवाज में संगीत सुनता है तो उसमें बहरेपन की समस्या में 20 फीसदी इजाफा की संभावना रहती है जबकि वर्ष 1980 से 1990 के आरंभिक वर्षों में जब पोर्टेबल म्युजिक प्लेयर कम प्रचलन में था, उस दौरान युवकों में यह औसत 35 फीसदी था। बकौल हेन्डरसन, ‘युवतियों में बढ़ रहे बहरेपन का कारण पोर्टेबल म्युजिक प्लेयर का बढ़ता प्रचलन है, जिसमें युवतियों की बढ़ती भागीदारी ही उनमें उत्पन्न होने वाली हियरिंग लॉस की परेशानी का प्रमुख कारण हैं।’ 

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