पांच मिनट की जांच में अगर यह पता चल जाए कि आपको आने वाले दिनों में कौन सी बीमारी हो सकती है तो इलाज कितना आसान हो जाएगा। इस काम को पूरा करने के लिए एक सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है। जिसकी मदद से महज पांच मिनट में यह पता लगा जाएगा कि शरीर के किस हिस्से में कौन सी बीमारी हो सकती है। यह सॉफ्टवेयर लावण्या आयुर्वेदिक कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर ने बनाया है। बृहस्पतिवार को इसका प्रदर्शन किया गया और इसके काम करने के तरीकों के बारे में बताया गया। बृहस्पतिवार को हुई लावण्या के चेयरमैन अशोक श्रीवास्तव ने बताया कि यह सॉफ्टवेयर रोग के कारणों को जानने में मदद करेगा। शरीर के सेंसर बिंदुओं की मदद से यह सॉफ्टवेयर काम करेगा। शहरी में क्या बीमारी है, किस स्तर पर है और भविष्य में क्या हो सकती है, यह सब जांच में पता लग जाएगा। रोग होने के क्या कारण है, इसके बारे में विस्तृत जानकारी मिलेगी। वहीं, एक स्केनर के जरिए शरीर के सातों चक्र, कुंडली और इनके ऊर्जा स्तर की जानकारी मिलेगी। हार्मोन्स असंतुलित होने के कारण होने वाले रोगों के बारे में इन चक्र की ऊर्जा के स्तर पर पता लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद को वैज्ञानिक तरीके से प्रभावी बनाने के लिए मशीन और सॉफ्टवेयर का सहारा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि तीन माह में लगभग दो हजार दो सौ मरीजों का डाटा तैयार किया जाएगा, जिनके कैंसर का इलाज लावण्या आयुर्वेदिक कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर द्वारा किया गया है। श्रीवास्तव ने कई उदाहरण देकर बताया कि एक बार कैंसर का इलाज आयुर्वेदिक तरीके से होने के बाद दवाओं के खाने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने आयुर्वेद में लीज थेरेपी से किए जाने वाले इलाज के बारे में भी बताया। इसमें मुहांसों को किस तरह से खत्म किया जाए, इसके बारे में विस्तार से बताया।
No comments:
Post a Comment