Wednesday, May 25, 2011

मशरूम में मिलने वाला तत्व प्रोस्टेट कैंसर स्टेम कोशिकाओं को निशाना बनाता है


अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि एशिया में इस्तेमाल होने वाला एक चिकित्सीय मशरूम, प्रोस्टेट कैंसर को मात दे सकता है। क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों ने बताया है कि तुर्की टेल मशरूम प्रयोगशाला में चूहों में प्रोस्टेट कैंसर को विकसित होने से दबाने में 100 फीसदी प्रभावी साबित हो रहा है। यह शोध पीएलओएस वन जर्नल में प्रकाशित हुआ है। मुख्य शोधकर्ता डॉ. पैट्रिक लिंग ने बताया कि तुर्की टेल मशरूम में मिलने वाले तत्व पॉलीसैकैरोपेप्टाइड (पीएसपी) के बारे में पता चला है कि यह चूहों में प्रोस्टेट कैंसर स्टेम कोशिकाओं को निशाना बनाते हुए ट्यूमर बनने की आशंका को कम करता है। उन्होंने कहा कि यह शोध इस बीमारी से लड़ने में अहम कदम साबित हो सकता है। शोध के दौरान मिले परिणाम खासे अहम हैं। उन्होंने कहा, हम जो प्रदर्शित करना चाहते थे वह था कि यह तत्व क्या प्रोस्टेट ट्यूमर के विकास को रोक सकता है। हमने इसके जरिए इलाज में किसी तरह के दुष्प्रभाव भी नहीं देखे। परीक्षण के दौरान, जो यूनिवर्सिटी ऑफ हांगकांग और प्रोवाइटल प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था, प्रोस्टेट ट्यूमर वाले चूहे को 20 हफ्तों तक पीएसपी का सेवन कराया गया। डॉ. लिंग ने कहा कि जिन्हें पीएसपी दिया गया था उनमें ट्यूमर खत्म हो गया जबकि जिन्हें यह नहीं दिया गया था उनमें इसका विकास हो गया। उन्होंने कहा कि शोध के परिणाम बताते हैं कि पीएसपी इलाज पूरी तरह से ट्यूमर के निर्माण को बाधित कर सकता है।


No comments:

Post a Comment