Friday, May 6, 2011

जल्दी ही कैंसर से लड़ेंगींरामबाण गोलियां


वैज्ञानिक जल्द ही नैनो कणों का इस्तेमाल कर कैंसर से लड़ने वाली ऐसी दवाओं को विकसित कर लेंगे जो शरीर में मौजूद ट्यूमर पर सीधा हमला बोल सकेंगी। उनका कहना है कि यह एक ऐसी प्रौद्योगिकी होगी जो कीमोथिरेपी के इलाज में एक क्रांतिकारी बदलाव की शुरूआत करेगी। हालंाकि नैनो कण छांट-छांट कर ट्यूमरों को निशाना बनाकर जादुई गोलियों की तरह काम करेंगे, लेकिन सच्चाई यह है कि निर्दिष्ट लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही इनमें से अधिकांश वाहकों को यकृत और तिल्ली के जरिए हटा दिया जाता है। उल्लेखनीय है कि कैप्सूल में डालकर भेजी जाने वाली दवाएं रास्ते में ही बेकार हो जाती हैं जबकि वाहक ट्यूमर की ओर रक्त वाहिकाओं में आगे बढ़ रहे होते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह इलाज कई प्रकार के कैंसरों पर कारगर होगा। हालांकि इस पद्धति में दवा को रामबाण बनाने के लिए उसका एक निश्चित आकार तय किया जाता है ताकि वह रक्तवाहिकाओं में अधिक समय तक अपना स्वरूप बरकरार रख सके। फिर वह लीवर और अन्य प्रभावित अंगों में पहुंचकर अपना काम दिखाना शुरू कर दे। ट्यूमर का आकार जितना बड़ा होगा गोली का निशाना उतना ही अचूक होगा। ट्यूमर पर यह सबसे सही असर तब करती है जब इसकी रेंजर ट्यूमर से 3.5 से लेकर 10 फीसदी कणों की गति से दागी जाए।


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