लंदन, एजेंसियां
: दंत चिकित्सा का अस्तित्व 6,500 वर्ष या इससे भी पुराना हो सकता
है। स्लोवेनिया में मिले आदि मानव के जबड़े में भरी मोम के आधार पर शोधकर्ताओं
ने यह दावा किया है। इस प्रागैतिहासिक साक्ष्य से उस युग की दंत चिकित्सा
के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। इटली
में अबदस सलाम इंटरनेशनल सेंटर फॉर थियोरेटिकल फिजिक्स के डॉक्टर फेडरिको
बरनार्डिनी और क्लाउडियो तुनीज ने सिंक्रोटोन त्रिस्ते व अन्य संस्थाओं
के साथ मिलकर यह जबड़ा खोज निकाला। इस जबड़े में दांत के खोखले भाग
में मोम भरी हुई है। शोधदल के प्रमुख सदस्य अब्दुस सलाम
इंटरनेशनल सेंटर फॉर थियरेटिकल फिजिक्स के फेड्रिको
बर्नारडिनी एवं क्लाडियो टुनिज ने कहा कि उस व्यक्ति की मौत के समय
उसके दांतों में मोम भरा गया था लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि यह कार्य
मरने से पहले हुआ था या फिर बाद में। वैज्ञानिक पत्रिका
पब्लिक लाइब्रेरी ऑफ साइंस वन ने पुरातत्वदियों के हवाले से
बताया कि दांतों की संवेदनशीलता एवं दर्द को कम करने के लिए मोम भरा गया
था। पुरातत्वविदों ने स्लोवानिया के निकट त्रिस्ते में इसे पाया। पुरापाषाण
काल के दंतचिकित्सा के प्रणाम बहुत विरले मिलते हैं। इसके द्वारा दंत
चिकित्सा के शुरुआती अवस्था के विषय में जानकारी मिलेगी। यह खोज यूरोप में
अब तक की सबसे पुरानी दंत चिकित्सा के साक्ष्य के तौर देखी जा रही है। इसे
विज्ञान पत्रिका प्लोस वन में प्रकाशित किया गया है।
दैनिक जागरण राष्ट्रीय संस्करण पेज -14,21
-9-2012 स्वास्थ्य
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