ठ्ठ जागरण ब्यूरो, लखनऊ सूबे में शुक्रवार से समाजवादी स्वास्थ्य सेवा शुरू हो गई। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ड्राइवर को एंबुलेंस की चाबी सौंपने के बाद हरी झंडी दिखाकर योजना का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि सूबे की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। बसपा सरकार में एनआरएचएम में गड़बडि़यों को लेकर जिस तरह अंगुलियां उठी थी, उसकी पुनरावृत्ति नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सपा सरकार न केवल सूबे के बिगड़े हालातों को ठीक करने में लगी है बल्कि हर एक क्षेत्र में काम भी कर रही है। यादव ने कहा कि हमने जो वादे चुनाव में किए थे उन्हें पूरा करने की दिशा में काम हो रहा है। बेरोजगारी भत्ता देने का वादा पूरा कर दिया है। हमने पीपीपी (सार्वजनिक-निजी सहभागिता) के तहत प्रदेश में सड़कों का का जाल बिछाने का फैसला किया है। सड़क बनाने में जिन किसानों की जमीन जाएंगी उनकी उसमें भागीदारी सुनिश्चित होगी, ताकि किसानों को उसका लाभ मिल सके। अखिलेश ने कहा कि सूबे की सपा सरकार पर पूरे देश की निगाह है। बदलाव एक दिन में नहीं होता। इसके लिए सतत प्रयास जरूरी होते हैं, हमारी सरकार इसी दिशा में कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 18 जिलों में कुल 67.43 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए 22 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व आठ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का भी लोकार्पण किया। लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि समाजवादी स्वास्थ्य सेवा के तहत एंबुलेंस चलाए जाने के लिए सड़कें भी जरूरी हैं। आखिर सड़कें अच्छी होंगी तो एंबुलेंस भी ठीक से चलेगी। शुद्ध पानी भी होना चाहिए, क्योंकि गंदे पानी से ही तमाम बीमारियां फैलती हैं। स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में लूट मचाने वाले बेइमान बख्शे नहीं जाएंगे। इसके लिए वह किसी भी हद तक जाएंगे। उन्होंने कहा कि एनआरएचएम के तहत केंद्र से चार हजार करोड़ रुपये से ज्यादा मिला है, लेकिन यह कोई केंद्र सरकार का दान नहीं है। मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने समाजवादी स्वास्थ्य सेवा के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि यह पूरी तरह से निशुल्क देश की सबसे बड़ी इमरजेंसी मेडिकल सर्विस होगी। उन्होंने कहा कि सूबे में एक लाख की आबादी पर एक के हिसाब से दो हजार एंबुलेंस की सेवा होगा। पूर्व में जिस तरह की समस्या एनआरएचएम को लेकर सूबे में थी अब वैसा नहीं होने दिया जाएगा। वित्तीय अनियमितता रोकने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यसचिव ने कहा कि सरकार के छह माह पूरा हो रहे हैं। मई में आर्थिक व सामाजिक विकास से संबंधित जो एजेंडा तय किया गया था उस पर काम हो रहा है। उसी एजेंडा में निशुल्क एंबुलेंस सेवा शुरू करना भी था। इस सेवा के तहत 820 विकास खंडों में अक्टूबर अंत तक कुल 972 एंबुलेंस होंगी। मुख्यमंत्री पहले चरण में 22 अगस्त को 200 एंबुलेंस को हरी झंडी दिखा चुके हैं। क्या है समाजवादी स्वास्थ्य सेवा : फिलहाल सूबे के 13 जिलों में शुक्रवार से शुरू हुई समाजवादी स्वास्थ्य सेवा पूरी तरह से निशुल्क है। आकस्मिक चिकित्सा सुविधा के लिए कहीं से भी टोल फ्री नंबर 108 पर डायल करने पर 20 मिनट में एंब्यूलेंस पहुंचेगी। वैसे उक्त 108 नंबर पुलिस व अग्नि से संबंधित घटनाओं में सहायता के लिए भी कभी भी डायल किया जा सकता है। इसके लिए राजधानी में ही काल सेंटर बनाया गया है।
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