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एक मामला सामने आया, स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक ने की पुष्टि
नई दिल्ली (एसएनबी)। लंबी चुप्पी के बाद एक बार फिर खतरनाक एच1एन1 एन्फ्लुएंजा वायरस ने राजधानी में दस्तक दे दी है। महाराजा अग्रसेन अस्पताल में भर्ती बिहार निवासी एक 38 वर्षीय व्यक्ति के स्वाइन फ्लू से पीड़ित होने का मामला सामने आया है। सप्ताह भर पहले लिए गए इस रोगी के रक्त व मूत्र के नमूनों में राष्ट्रीय संचारी रोग संस्थान (एनआईसीडी) को एच1एन1 होने की पुष्टि हुई है। सोमवार को स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक डा. एनवी कामत ने इस आशय की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष अब तक एच1एन1 के कुल सात मामले आ चुके हैं। इनमें से चार मामले दिल्ली के बाहर के थे, जबकि तीन मामले दिल्ली में लंबे समय से रह रहे युवकों में पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार समेत अन्य निजी अस्पतालों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। सभी अस्पतालों, क्लीनिकों को यह हिदायत दी गई है कि एच1एन1 संभावित आने वाले रोगियों की पहचान करें और उसी दिन उसके रक्त के नमूने एनआईसीडी को भेजे और उसका ब्यौरा अगले चौबीस घंटे में डीएचएस में बने केंद्रीयकृत शिकायत केंद्र में भी दें। उन्होंने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल, गुरुतेग बहादुर अस्पताल, लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल, दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल, डा. भीम राव अम्बेडकर अस्पताल समेत एम्स, सफदरजंग, डा. आरएमएल में बने स्वाइन फ्लू सेंटर प्रमुखों को सचेत कर दिया गया है। इसके अलावा अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से दिल्ली में आने वाले यात्रियों की भी स्क्रीनिंग अनिवार्य कर दी गई है। बता दें कि इसके पहले जनवरी महीने में गोकुल पुरी, द्वारका, वसंत विहार, रामनगर (लोनी के समीप) क्षेत्रों में एच1एन1 के मामले आ चुके हैं। शुक्र इस बात का है कि अब तक दिल्ली में किसी व्यक्ति की मृत्यु की खबर नहीं है। एनआईसीडी के वरिष्ठ माइक्रोबायोलिजस्ट डा. चरन सिंह ने कहा कि देश में अब तक 300 से अधिक लोगों में एच1एन1 की पुष्टि हो चुकी है इस इनफ्लूएंजा से दूसरे राज्यों के 21 लोगों की मृत्यु भी हो चुकी है। दिल्ली में अब तक एक भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं हुई है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के माइक्रोलॉजी विभाग के प्रो. डा. सरनमान सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने एडवाजरी जारी की है। इसके तहत एअरपोर्ट, बस टर्मिनल, रेलवे स्टेशनों पर जागरूकता अभियान के साथ ही सरकारी अस्पतालों में एच1एन1 लक्षण वालों की मुफ्त में स्क्रीनिंक की जाएगी। किनको है खतरा मैक्स हेल्थकेयर समूह साकेत के डा. विवेका कुमार के अनुसार मधुमेह, किडनी, तपेदिक, लीवर, फेफड़े में विकार संबंधी रोगियों के शरीर में एच1एन1 होने की संभावना ज्यादा रहती है। ऐसे रोगियों के शरीर की सामान्य रोगियों की अपेक्षा रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
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