देश में हर साल पांच लाख लोग कैंसर की वजह से असमय मौत का शिकार हो जाते हैं। तंबाकू का सेवन इसकी सबसे बड़ी वजह है। सिगरेट, शराब व अन्य नशीले पदार्थ भी इस घातक बीमारी के लिए जिम्मेदार हैं। पंजाब जैसे संपन्न राज्य में भी इस खतरनाक बीमारी का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। इन आंकड़ों ने केंद्र सरकार की भी नींद उड़ा दी है। लिहाजा उसने महामारी तब्दील होती इस बीमारी को काबू करने की पहल कर दी है। सरकार सौ जिलों में प्रत्येक को एक करोड़ रुपए की मदद देकर कैंसर रोकथाम, निदान और कीमियोथेरेपी केंद्र खोलने की तैयारी कर रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री गुलाम नबी आजाद ने मंगलवार को राज्यसभा में माना कि पूरे देश में जरूरत के लिहाज ओंकोलॉजी विभाग (कैंसर के इलाज का विभाग) बहुत कम हैं। सरकार ने 1975 से कैंसर रोकथाम का कार्यक्रम शुरू किया है, लेकिन धन की कमी से बहुत कुछ हासिल नहीं किया जा सका। पहली बार सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर कैंसर, मधुमेह, हार्ट अटैक जैसी बीमारियों के निदान व रोकथाम के लिए कार्यक्रम शुरु किया है। उसके तहत 2011-12 में 21 राज्यों के सौ जिले शामिल किए गए हैं। वहां समय पूर्व कैंसर की पहचान, इलाज, आपरेशन और कीमियोथिरेपी जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। आजाद ने सदस्यों को बताया कि सरकार के इस कदम के पीछे मुख्य मंशा यह है कि शुरू में ही कैंसर का पता चल जाने पर 30 प्रतिशत मरीजों को बचाया जा सकता है। जबकि पूर्व सावधानी बरतने से 30 प्रतिशत कैंसर रोगियों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहली बार गेट्स संस्था से इसकी जांच कराई है, जिसका प्रयोग विकसित देश करते हैं। केंद्र सरकार की जांच में पता चला है कि कैंसर की सबसे बड़ी वजह तंबाकू सेवन है। देश में 21 प्रतिशत लोग तंबाकू का सेवन करते हैं और 35 प्रतिशत लोग सिगरेट पीते हैं। पुरुषों में कैंसर के 80 फीसदी और महिलाओं में कैंसर के 20 फीसदी मामलों की वजह तंबाकू का सेवन ही है। एक सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पंजाब के भटिंडा व होशियारपुर जिलों में बीते वर्षों में कैंसर रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) की टीम ने बीते साल सितंबर में वहां जाकर इसकी पड़ताल की है। रिपोर्ट के बाद सरकार ने पंजाब में एक रीजनल कैंसर सेंटर खोलने का फैसला किया है। जबकि भटिंडा, होशियारपुर व मनसा में शुरुआती स्तर पर कैंसर का पता लगाने के लिए जिला कैंसर परिचर्चा सुविधा केंद्र खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि आइसीएमआर की जांच में पता नहीं चल पाया है कि पंजाब में कैंसर के मामले बढ़ने की मूल वजह क्या है।
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