Friday, March 4, 2011

खतरनाक है नींद भगाने की दवाओं का इस्तेमाल


परीक्षाओं का दौरा शुरू हुआ तो अच्छे अंक पाने की लालसा में छात्र नींद भगाने के लिए दवाओं का इस्तेमाल करने लगे हैं। मनोचिकित्सकों के मुताबिक इस प्रकार की दवाएं उनके लिए हानिकारक हैं। ये ऐसी दवाएं हैं जिन्हें मनोचिकित्सक सामान्य व्यक्तियों के लिए बहुत ही खतरनाक बताते हैं। चिकित्सकों की राय में गैप देकर पढ़ना, चाय पीना या चहलकदमी करना नींद भगाने के लिए बेहतरीन उपाय हैं, हालांकि उन्होंने परीक्षा के दिनों में भी भरपूर नींद लेना जरूरी बताया है। नींद भगाने के लिए दवाओं का इस्तेमाल अब तक मास्टर और बैचलर डिग्री के छात्र तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले प्रतियोगी करते रहे हैं। लेकिन नींद भगाने के लिए इन दवाओं का इस्तेमाल अब 12वीं के छात्र भी करने लगे हैं। मानव व्यवहार एवं विज्ञान संबंद्व (इहबास) के वरिष्ठ मनोचिकित्सक पीके उपाध्याय ने बताया कि परीक्षाओं के दिनों में नींद भगाने के लिए दवाओं का इस्तेमाल पूरी तरह से गलत है। उन्होंने कहा कि मास्टर और बैचलर डिग्री के करीब 70 से 80 फीसदी छात्र ऐसी दवाओं का इस्तेमाल करते हैं। छात्रों पर अच्छे नंबर प्राप्त करने का दबाव इस कदर रहता है कि वे इसके लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार रहते हैं। 12वीं के स्टूडेंट्स ने भी जागने के लिए इस खतरनाक तरीके का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। डॉ. उपाध्याय ने बताया कि नींद भगाने के लिए छात्र जिन दवाओं का इस्तेमाल करते है वो उनके लिए काफी हानिकारक साबित हो सकती है। ऐसे में दवाओं का इस्तेमाल करने वाले छात्रों को एंजाइटिस, मानसिक तनाव, अनिद्रा आदि की परेशानियों से जूझना पड़ता है। डॉ. उपाध्याय का कहना है कि दवाओं के इस्तेमाल के बजाय छात्र नींद आने पर रुक-रुक कर पढ़ाई करें। साथ ही बीच-बीच में चाय पी सकते हैं, चहलकदमी कर सकते हैं।
परीक्षाओं में अच्छे अंक लाने के दबाव में 12वीं के छात्र भी लेने लगे हैं नींद भगाने वाली दवाएं क्या होता है साइड इफेक्ट भूख कम लगेगी, वजन कम होने लगेगा, चिड़चिड़ापन, परीक्षा के दौरान नींद आना, एंजाइटिस आदि कैसे करनी चाहिए पढ़ाई गैप देकर पढ़ाई करनी चाहिए, नींद आने पर चेहरा धो लेना चाहिए, चाय पी लें, चहलकदमी करें।


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