ठ्ठजागरण ब्यूरो, लखनऊ डॉक्टर
साहब खबरदार! हो सकता है कि ओपीडी में जिसे आप एक आम मरीज समझकर झिड़क
रहे हों या अच्छे इलाज के लिए पैसों का बंदोबस्त करने के
लिए दबाव डाल
रहे हों, वह
असली मरीज न होकर मंत्रीजी का भेजा गया डमी मरीज हो। इस मरीज
की रिपोर्ट से आपकी नौकरी भी जा सकती है। स्वास्थ्य मंत्री
अहमद हसन सरकारी अस्पतालों का सच जानने को अब एक नया नुस्खा
आजमाने जा रहे हैं। वह कभी भी किसी को मरीज बनाकर अस्पताल में भेज सकते
हैं, जिसके
जरिए वह जानेंगे कि सरकारी अस्पतालों में पर्चा बनवाने से लेकर
डॉक्टर के देखने और दवा मिलने तक में आम मरीज को किस तरह की दिक्कतों का
सामना करना पड़ता है। यह रही वजह : सरकारी अस्पतालों में
डॉक्टरों के आम मरीजों से अच्छा व्यवहार न करने, अच्छे
इलाज के नाम पर रिश्वत मांगने की शिकायतें आम हैं। स्वास्थ्य
मंत्री का पद भार ग्रहण करने के बाद अहमद हसन ने घोषणा की थी कि वह
बगैर सरकारी लाव-लश्कर और पूर्व सूचना के सरकारी अस्पतालों में जाकर आम मरीज
की तरह पर्चा बनवाने से लेकर डॉक्टरों को दिखाने का काम करेंगे ताकि अस्पतालों
का सच देख सकें। उनकी यह कोशिश इसलिए परवान नहीं चढ़ सकी कि अस्पताल
पहुंचते ही उन्हें पहचान लिया जाता है और हड़कंप मच जाता है, इसके चलते
अस्पतालों का सच उनके सामने नहीं आ पाता। निरीक्षण और जनता से मिले फीड
बैक के आधार पर लापरवाह डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई तो हुई, लेकिन डॉक्टरों
की मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार न करने और अच्छे इलाज के नाम पर रिश्र्वत
मांगने की शिकायतें लगातार मिल रही है। इसके मद्देनजर स्वास्थ्य मंत्री
ने अब डमी मरीज भेजने का फैसला किया है। डमी मरीज देगा पूरी
रिपोर्ट : डमी मरीज स्वास्थ्य मंत्री को अपनी पूरी रिपोर्ट
देगा। मसलन पर्चा बनाने वाले कर्मचारी का काम करने का तरीका कैसा था।
वह अपने काम में गंभीर था या नहीं, पर्चा बनाने वह कितना
समय ले रहा था।
डॉक्टर साहब नियत समय पर ओपीडी में आ गए थे या नहीं। उनका व्यवहार कैसा था।
वह बातों को गंभीरता से ले रहे थे या नहीं। अच्छे इलाज के लिए घर पर दिखाने
या पैसों का बंदोबस्त करने का डॉक्टर की तरफ से या उनके किसी दलाल की
तरफ दबाव तो नहीं डाला गया। रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई
सुनिश्चित की जाएगी। रंगे हाथ कराएंगे गिरफ्तारी : मंत्री का
कहना है कि अगर डॉक्टर या उसके किसी दलाल के मार्फत
अच्छे इलाज के लिए पैसा मांगा जा रहा है, डमी मरीज को पैसा
देकर रंगे हाथों गिरफ्तारी भी कराई जाएगी। स्थितियां सुधरीं, लेकिन
अभी सुधार की और जरूरत: स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन का
दावा है कि सरकारी अस्पतालों में पिछले छह महीने के दौरान स्थितियों में
सुधार हुआ है, लेकिन
अभी सुधार की बहुत जरूरत है। अस्पतालों में दवा के लिए
पर्याप्त बजट है, अगर
किसी अस्पताल में दवा न होने की बात पाई जाती है तो
मुख्य चिकित्साधिकारी से जवाब तलब होगा। मरीजों से भी कहा जा रहा है कि अगर
उन्हें कोई दुश्र्वारी हो रही है तो उसकी सीधी शिकायत उन्हें कर सकते हैं।
अगर कोई पैसे मांग रहा है तो अगर संभव हो तो उसकी बातचीत को रिकार्ड करें
ताकि कार्रवाई में आसानी हो।
Dainik Jagran National Edition 02-10-2012 Health Pej -6
No comments:
Post a Comment