Tuesday, October 16, 2012

डेंगू से निपटने को सरकार ने कसी कमर





रक्त से प्लेटलेट्स निकालने वाली मशीनें राउंड दी क्लॉक चलाने व आठ अतिरिक्त अस्पतालों को उपचार व ब्लड कलेक्शन का निर्देश
नई दिल्ली (एसएनबी)। राजधानी में डेंगू के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। स्वस्थ्य मंत्री डा. अशोक कुमार वालिया ने सोमवार को स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न एजेंसियों की एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाकर बचाव व उपचार कार्यो की समीक्षा की तथा निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों में प्लेटलेटस निकालने वाली मशीनें प्रतिदिन 24 घंटे चलाई जाएं। उन्होंने डेंगू के उपचार व ब्लड कलेक्शन के लिए आठ अतिरिक्त अस्पतालों को भी चिन्हित किया। उधर समीक्षा के दौरान पता चला कि राजधानी के अनेक क्षेत्रों में अभी भी डेंगू मच्छरों की भरमार है। डेंगू से बचाव उपायों की समीक्षा के दौरान डा. वालिया ने सरकारी अस्पतालों को निर्देश दिए कि रक्त से प्लेटलेट्स निकालने वाली मशीनें सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे चलाई जाएं तथा यदि इसके लिए अतिरिक्त स्टाफ की आवश्यकता हो तो उसका इंतजाम भी किया जाए। उन्होने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी डेंगू के मरीज को प्लेटलेट्स की समय पर उपलब्धता में असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होने बताया कि इस समय राजधानी में 53 ब्लड- बैंक हैं इनमें से 14 सरकारी तथा 39 निजी व स्वयंसेवी क्षेत्र में हैं। उन्होंने अस्पतालों तथा नर्सिंग होमों को परामर्श दिया कि वे ब्लड-बैंकों के साथ समन्वय बनाए रखें तथा आवश्यकतानुसार मरीजों के लिए प्लेटलेट्स की व्यवस्था में मरीजों के तीमारदारों की सहायता करें। उन्होंने सरकारी अस्पतालों में स्थापित ब्लड-बैंकों को निर्देश दिये कि वे न केवल अपने अस्पताल में दाखिल अन्तरंग रोगियों के लिए ही प्लेटलेट्स उपलब्ध कराएं अपितु निजी अस्पतालों तथा नर्सिंग होमों में दाखिल मरीजों की आवश्यकता की भी पूर्ति करें। स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी दी कि मरीजों के निदान, उपचार तथा ब्लड क्लेकशन सुविधाओं के लिए दिल्ली सरकार ने आठ अतिरिक्त अस्पतालों में यह सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि इस समय केन्द्र तथा दिल्ली सरकार के 33 अस्पताल इस कार्य में लगे हैं। आठ नए अस्पताल अब इस परिधी में आ जाने से अब इनकी संख्या 41 हो जाएगी। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार शीघ्र ही इन अस्पतालों की पूरी सूची समाचार पत्रों में विज्ञापन के माध्यम से प्रचारित करने जा रही है। उन्होंने दिल्ली सरकार तथा नगर निगमों के स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नागरिकों में डेंगू से बचने के उपायों को व्यापक रूप से प्रचारित करें। इसके लिए वे जनसंचार, जनप्रतिनिधियों तथा स्कूली बच्चों की सहायता लें। उन्होंने कहा कि मच्छर जनन विरोधी उपायों को रेलवे लाइनों के आसपास के क्षेत्र, झुग्गी झोपड़ी समूहों तथा उन क्षेत्रों की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए जहां निर्माण कार्य चल रहा हो। उन्होंने सिंचाई तथा बाढ़ नियंतण्रविभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे नदी, नालों, तालाबों इत्यादि से नियमित रूप से जलकुम्बी हटाते रहें। पानी के ये पोधें व्यापक स्तर पर मच्छर जनन के लिए जिम्मेदार होते हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि नगर निगमों द्वारा उपलब्ध जानकारी के अनुसार डेंगू के 450 मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के सत्त प्रयास की अस्पताल व्यापक रूप से डेंगू की रिपोर्टिगं करें। स्वास्थ्य मंत्री ने आगे बताया कि डारेक्टेरेक्ट ऑफ नेशनल वैक्टर बॉर्न डिजीज कंटोल प्रोग्राम द्वारा उपलब्ध कराई गई लारवा-रोधी क्रास चेकिंग रिपोर्टो से पता चलता है कि अभी भी कुछ इलाकों में मच्छरों का ऊंचा घनत्व पाया जा रहा है। जहां मच्छरों की भरमार पाई गई है उनमें पूर्वी दिल्ली नगर निगम के झिलमिल औद्योगिक क्षेत्र स्थित सोनिया कैम्प न्यूअशोक नगर, ब्लाक ए तथा डी, उत्तरी नगर निगम में स्थित जोंती गांव,धीरपुर स्थित ओल्ड रेडियो कालोनी, ढका गांव, तथा दक्षिण नगर निगम स्थित नजफगढ़ में स्थित मटियाला,तुगलकाबाद गांव तथा तुगलकाबाद स्थित रेलवे कालोनी शामिल हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक में की डेंगू से बचाव के कायरें की समीक्षा सरकारी अस्पतालों को जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त स्टाफ का इंतजाम करने को कहा


 Rashtirya sahara National Edition 16-10-2012 Health  Pej -5

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