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18 नए
मामले सामने आए पीड़ितों की संख्या हुई 113 स्वास्थ्य विभाग ने
घिटोरनी गांव की ली सुध
नई दिल्ली(एसएनबी)। डेंगू के डंक का
असर अब बढ़ता ही जा रहा है। बीते
चौबीस घंटे के दौरान राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों से 18 नए मामले दर्ज किए गए
हैं। इसके साथ ही इस वर्ष डेंगू पीड़ितों की संख्या 113 हो गई है। इसमें
से तीन मामले दिल्ली के बाहर के पाए गए हैं। उधर,
डेंगू संभावित
क्षेत्र बाहरी दिल्ली के घिटोरनी गांव, फतेहपुर बेरी, आया नगर, जौनापुर, मांडी गांव समेत अन्य ग्रामीण
क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने
दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। दिल्ली नगर निगम के स्वास्थ्य
अधिकारी डा. एनके
यादव के अनुसार अब तक आए डेंगू के 113
मामलों में से सर्वाधिक 48
उत्तरी दिल्ली में,
43 दक्षिण दिल्ली में, 16 पूर्वी दिल्ली व 11 पश्चिमी दिल्ली
में पाए गए हैं। इसके अलावा नई दिल्ली नगर पालिका परिषद, दिल्ली छावनी परिषद, रेलवे कालोनी में एक-एक मामला दर्ज
किया गया है। स्वास्थ्य
विभाग के अनुसार बीते रविवार से बुधवार के मध्य घिटोरनी गांव
में चार डेंगू संभावितों
की मृत्यु हो चुकी है। उसकी अब तक एनआईसीडी से रिपोर्ट नहीं आई है।
क्षेत्र में बढ़ते डेंगू मच्छरों की संभावना के मद्देनजर बृहस्पतिवार को
निगम के डीबीसी कर्मचारियों की एक टीम ने कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया।
ग्रामीण विकास समिति की अध्यक्ष शंकुन्त लोहिया ने कहा कि काश ! यह कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग पहले कर देता तो यह स्थिति नहीं आती। उन्होंने कहा
कि यहां पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि की तरफ से कोई पहल नहीं की गई है। हालत
यह है कि यहां हर घर में एक न एक सदस्य बुखार से पीड़ित है। डेंगू की जांच
कराने की भी सुविधा नहीं है। आसपास आरएमपी डॉक्टरों की पौबारह है। जो उन्हें
मनमुताबिक दवाएं देकर उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। जगदीश वकील
ने कहा कि जलनिकासी का प्रबंध अब तक नहीं हो पाया है जो संभवत: डेंगू मच्छरों
के पनपने को न्यौता देता है। उधर,
आईआईटी क्षेत्र में भी तेजी से डेंगू बुखार के मामले बढ़ रहे हैं।
यहां पर अब तक 22 लोगों
में डेंगू बुखार होने
की पुष्टि हो चुकी है। दरअसल यह क्षेत्र रिज इलाके में है। यहां 6 हजार से अधिक कर्मचारी रहते हैं। उनका
कहना था अब तक यहां स्वास्थ्य विभाग
की ओर से रोकथाम संबंधी पहल नहीं की गई है, जिससे आने वाले दिनों में यहां स्थिति
और भी गंभीर हो सकती है।
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Rashtirya Sahara National Edition -5-10-2012 Health Pej -3
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