Saturday, October 13, 2012

गांवों तक पहुंचाएं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं





राष्ट्रपति ने चिकित्सा क्षेत्र के वर्तमान हालात पर जतायी चिंता
लखनऊ (एसएनबी)। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत चिकित्सा ढांचे और स्वास्थ्य सुविधाओं के हालात पर चिन्ता जताते हुए कहा कि भारत में एक हजार की आबादी पर एक डाक्टर भी नहीं है। उन्होंने कहा कि गांवों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की सख्त जरूरत है। उन्होंने चिकित्सा संस्थाओं का विस्तार करने पर जोर देते हुए कहा कि बेहतर डाक्टर और पैरामेडिकल स्टॉफ तैयार करने के लिए ऐसा करना जरूरी है। राष्ट्रपति शुक्रवार को यहां किंग जार्ज मेडिकल विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के आठवें दीक्षान्त समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। राष्ट्रपति बनने के बाद उनकी यह पहली लखनऊ यात्रा है। इस मौके पर उन्होंने खासतौर पर बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने की आवश्यकता जतायी और कहा कि देश में एक हजार की आबादी पर डाक्टरों का औसत मात्र 0.6 है, जबकि नसिर्ंग स्टाफ एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों का औसत 1.30 फीसद है। संयुक्त रूप से प्रति एक हजार की आबादी पर 1.9 स्वास्थ्यकर्मी हैं। श्री मुखर्जी ने कहा कि अभी भी एक बड़ी जनसंख्या को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दिये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने विज्ञान और प्रौद्योगिकी से जुड़े लोगों को खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में रहने वालों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने की दिशा में काम करने की अपील की। राष्ट्रपति ने खासकर ग्रामीण, आदिवासी व पर्वतीय अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि यहां आयुष के साथ ही अन्य परम्परागत उपचार के साधनों को बढ़ावा देकर आमजन को काफी हद राहत दी जा सकती है। उन्होंने बेहतर स्वास्थ्य सेवा के लिए डाक्टरों, नर्सेज व पैरामेडिकल स्टाफ तैयार करने को नये संस्थान खोलने की बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों को राजकीय मेडिकल कालेजों में परास्नातक सीट बढ़ाने और नये परास्नातक विभाग खोलने की केन्द्र सरकार सुविधा देती है। इसे प्रोत्साहित और प्रचारित करने की जरूरत है, ताकि गामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके। श्री मुखर्जी ने चिकित्सा क्षेत्र में काम कर रहे निजी क्षेत्रों के लोगों को भी बढ़ चढ़कर सहयोग देने की अपील की। उनका कहना था कि निजी क्षेत्र के (शेष पेज 13 पर)
केजीएमयू के दीक्षान्त समारोह में राष्ट्रपति ने मेडिकल छात्रों से देशहित में काम करने को कहा आयुष के साथ अन्य परम्परागत उपचारों को बढ़ावा देने की जरूरत

 

Rashtirya Sahara National Edition 13-10-2012 स्वास्थ्य Pej-1

No comments:

Post a Comment