Saturday, October 13, 2012

चिकित्सा का कृष्ण पक्ष






17 साल की सुनैना की मौत हार्ट ट्रांसप्लांट के दो सप्ताह के भीतर हो गई। कारण, लगाया गया हार्ट सुनैना के ब्लड ग्रुप से मैच नहीं करता था। 47 वर्षीय रामलाल के बाएं टेस्टिकल में कैंसर हो गया। डॉक्टर ने गलती से उसका दायां स्वस्थ टेस्टिकल निकाल दिया। 67 वर्षीया मारिया को एंजियोप्लास्टी के बाद उसके वार्ड में ले जाने के बजाय दूसरे फ्लोर पर ले जाकर लिटा दिया, जहां ऑपरेशन के लिए मरीजों को लिटाया जाता था। डॉक्टरों ने उसकी ओपनहार्ट सर्जरी करने के लिए चीरा लगा दिया। गलती पता चलने पर उसे पुन: सिल दिया। अस्पतालों में होने वाली इस तरह की तमाम घटनाओं का जिक्र गिनीज व‌र्ल्ड रिकॉर्ड विजेता बिस्वरूप रॉय चौधरी ने अपनी किताब हॉस्पिटल से जिंदा कैसे लौटें में किया है। उन्होंने लिखा है कि इस तरह की चिकित्सीय भूलों का प्रतिशत अमेरिका में सबसे ज्यादा 28 फीसद है, क्योंकि इस शोध में भारत शामिल नहींहै। भारत के अस्पतालों में ऐसी भूलें 40 फीसद होने का अनुमान है। बिस्वरूप ने चिकित्सा जगत के बड़े दिलचस्प तथ्य एवं आंकड़े पेश किए हैं। उन्होंने लिखा है, 1997 तक यह माना जाता था कि फास्टिंग ब्लड शुगर यदि 140 एमजी/डीएल से ऊपर है, तो आप डायबेटिक हो सकते हैं, लेकिन उसी साल विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की एक कमेटी ने इसे 126 एमजी/डीएल कर दिया। यानी बड़ी संख्या में जो डायबिटिक नहीं थे, वे रातोंरात डायबिटीज के शिकार हो गए। इसी तरह उन्होंने हाइपरटेंशन, ऑस्टियोपोरोसिस आदि बीमारियों के आंकड़े बताए हैं। चिकित्सा जगत में इस तरह के सभी काले पक्षों को इस पुस्तक में उजागर करने की कोशिश की गई है। बीमारी का व्यापार, उसका गणित, जांच के तौर पर अनावश्यक चिकित्सा, साइडइफेक्ट्स का कड़वा सच, बीमारी का अर्थशास्त्र बताया गया है। अर्थशास्त्र में डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया गया है कि जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के कारण भारत को 120 लाख करोड़ रुपये का नुकसाल अगले दस सालों में हो सकता है, वहीं विश्व बैंक कहता है कि भारत में हर साल 8 लाख लोग इन बीमारियों के कारण गरीबी की रेखा से नीचे आ जाते हैं। लेखक ने चिकित्सा जगत के कृष्णपक्ष को रेखांकित किया है। उन्होंने अस्पताल जाने से बचने के लिए कुछ उपाय भी दिए हैं। उन्होंने सुझाया है कि आप कैसे बिना अस्पताल गए स्वस्थ बने रह सकते हैं।

Dainik jagran Nation Edition 14-10-2012 LokLF;) Pej-9

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