ठ्ठ जागरण संवाददाता, लखनऊ डेंगू
के मरीजों को यदि उपचार के साथ शुरुआत से विटामिन ई दवा भी दी जाए तो उनमें
न केवल प्लेटलेट्स तेजी से बढ़ती हैं बल्कि रक्त में प्लेटलेट्स की संख्या
में हो रही कमी पर भी काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है। किंग
जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष
प्रो.एके वैश्य द्वारा किया गया यह शोध हाल में इंग्लैंड के इंटरनेशनल
मेडिकल जर्नल द अनॉल्स ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसिन एंड पब्लिक हेल्थ में प्रकाशित
हुआ है। डॉ. वैश्य बताते हैं कि विटामिन ई में एंटी ऑक्सीडेंट होता
है। डेंगू बुखार में प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से कम होती है जिससे कई
तरह की गंभीर समस्याएं हो जाती हैं। अकसर अंदरूनी रक्तस्राव होने से मरीज
की मृत्यु तक हो जाती है। ऐसे में मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाना एकमात्र उपचार
रह जाता है। उन्होंने
बताया कि केजीएमयू में डेंगू के 66 मरीजों को दो भाग में विभाजित कर
अध्ययन किया गया। 33 मरीजों
के एक समूह को उपचार के साथ 400 मिग्रा. की विटामिन
ई की एक टैबलेट भी दी गई जबकि दूसरे समूह को केवल जरूरी दवाएं ही दी
गई। जिन मरीजों को दवाओं के साथ विटामिन ई की टैबलेट भी दी गई, उनमें
64 फीसद
मरीजो में एक हफ्ते में प्लेटलेट्स की संख्या एक लाख तक बढ़ गई। दूसरी
तरफ जिन मरीजों को विटामिन ई नहीं दिया गया उनमें मात्र 39.28 फीसद मरीजों
में ही प्लेटलेट्स की संख्या में वृद्धि देखी गई। ऐसे मरीज जिन्हें अन्य
दवाओं के साथ विटामिन ई भी दिया गया था एक सप्ताह पश्चात उनमें से मात्र
6 फीसद
मरीजों को प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत पड़ी। इसके विपरीत जिन मरीजों
को विटामिन ई नहीं दिया गया उनमें से 15.15 फीसद मरीजों को प्लेटलेट्स
चढ़ाना पड़ा। डॉ. वैश्य बताते हैं कि मरीजों के दोनों समूहों में
शुरुआत में प्लेटलेट्स की संख्या लगभग बराबर थी लेकिन देखा गया जिन मरीजों
को विटामिन ई दिया जा रहा था उनमें प्लेटलेट्स की संख्या काफी तेजी से
बढ़ी। इस शोध अध्ययन से साफ है कि डेंगू मरीजों में यदि प्लेटलेट्स की संख्या
कम हो रही हो तो विटामिन ई देने से न केवल इसकी गिरावट को कम किया जा
सकता है बल्कि प्लेटलेट्स की संख्या में तेज वृद्धि भी होती है।
Dainik Jagran Nation Edition
18-10-2012 LokLF;) Pej-9
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