एम्स के प्राइवेट वार्ड में इलाज कराना 76 प्रतिशत और महंगा होने जा रहा है। मरीजों से भर्ती होने से लेकर डिस्चार्ज होने तक की अवधि तक दी जाने वाली सभी स्वास्थ्य सुविधाओं का खर्च वसूला जाएगा। इसमें मरीजों को दी जाने वाली दवाएं, भोजन, साबुन, कपड़ा, डाक्टरों के प्रत्येक विजिट का भी शुल्क चुकाना होगा। एम्स के उप निदेशक (प्रशासन) विनीत चौधरी ने कहा कि इससे संबंधी सभी विभागों के अध्यक्षों की राय ली गई थी। उन्हें शुल्क चार्ट का ब्यौरा दे दिया गया है। इसे जल्द ही लागू कर दिया जाएगा और मरीजों को इसके अनुसार ही बिल का भुगतान करना होगा। अब तक एम्स के प्राइवेट वार्ड में केवल प्रतिदिन के हिसाब से कमरे का शुल्क ही वसूला जाता था। इसमें उसे हर सुविधा प्राप्त होती थी। अब उन्हें हर प्रकार की सुविधा के बदले शुल्क देना होगा। हालांकि इसे यूजर्स चार्ज का हिस्सा माना जा रहा है। जनरल वार्ड में इलाज कराने वाले से कोई शुल्क नहीं वसूला जाएगा। एम्स सूत्रों के अनुसार प्राइवेड वार्ड के डीलक्स रूम से 1700 सौ रुपये लिए जाते थे। अब वह बढ़कर लगभग तीन हजार तक हो जाएगा। प्राइवेट सेमी डीलक्स का 1200 से बढ़ कर 1700, प्राइवेट रूम सामान्य का 700 से बढ़ कर 1200 हो जाएगा। जनरल सर्जरी में जहां कोई शुल्क नहीं लिया जाता था। अब उसके लिए मरीजों को दो से पांच हजार रुपये चुकाने होंगे। कार्डिएक और न्यूरो सर्जरी में भी शुल्क लिया जाएगा। एक्स रे, अल्ट्रासाउंड जांच आदि के लिए स्थिति के अनुसार शुल्क लिया जाएगा।
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