Thursday, April 7, 2011

दिमागी बीमारियों में राहत दिलाएगा चुंबक


उपचार की इस पद्धति से दौरों और मस्तिष्क की अन्य समस्याओं से उबारने में जल्द ही सफलता हासिल की जा सकेगी वैज्ञानिक मस्तिष्क की खुद को व्यवस्थित करने संबंधी क्षमता बढ़ाने के लिए प्रयास कर रहे हैं ताकि पार्किंन्सन जैसी बीमारियों के बाद उबरा जा सके
मस्तिष्क कोशिकाओं को प्रभावित करने और पार्किन्सन जैसी बीमारी से लोगों को उबारने के लिए वैज्ञानिकों ने चुंबकों के इस्तेमाल की एक तकनीक विकसित करने का दावा किया है। ऑस्ट्रेलियन न्यूरो मस्क्युलर रिसर्च इंस्टीट्यूट के नेतृत्व में एक अंतरराष्ट्रीय दल ने कहा कि वह उपचार की इस पद्धति से दौरों और मस्तिष्क की अन्य समस्याओं से उबारने में जल्द ही सफलता हासिल कर सकते हैं जिसमें मस्तिष्क को एक चुंबकीय क्षेत्र से प्रभावित किया जाता है। दल का नेतृत्व कर रहे प्रोफेसर गैरी थिकबूम ने कहा कि वे मस्तिष्क की खुद को व्यवस्थित करने संबंधी क्षमता बढ़ाने के लिए प्रयास कर रहे हैं ताकि पार्किंन्सन जैसी बीमारियों के बाद उबरा जा सके। उपचार की इस पद्धति में कुंडली नुमा उपकरण को रोगी के सिर के करीब रखा जाता है, जो सावधानीपूर्वक मस्तिष्क के बाहर चुंबकीय क्षेत्र पैदा करता है ताकि मस्तिष्क के अंदर एक धारा को प्रवाह किया जा सके। प्रो. थिकब्रूम ने कहा, 'हम मस्तिष्क को प्रेरित करने के लिए लहरों के तरीके का इस्तेमाल करते हैं और इसके बाद यह देखा जाता है कि मस्तिष्क खुद ब खुद इस पर काम करे।'


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