वैज्ञानिकों ने ऐसी सर्जरी विकसित करने का दावा किया है जो माइग्रेन के लिए जिम्मेदार ट्रिगर बिंदुओं को निष्कि्रय कर इस बीमारी से काफी हद तक निजात दिला सकती है। इस ऑपरेशन को कराने के बाद करीब 90 फीसदी मरीजों को फायदा मिला। इनमें से करीब 30 फीसदी मरीजों ने पांच साल के दौरान कभी माइग्रेन की शिकायत नहीं की। प्लास्टिक एंड रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी जर्नल में प्रकाशित शोध के अनुसार, इस प्रक्रिया में मरीज के माइग्रेन दर्द से संबंधित मांसपेशी या तंत्रिका ट्रिगर को हटा दिया जाता है। यह शोध ओहियो के क्लीवलैंड स्थित यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल केस मेडिकल सेंटर के डॉ. बाहमन गायुरॉन की अगुवाई में किया गया है। प्लास्टिक सर्जन गायुरॉन ने जब यह देखा कि माथे की लकीरें हटाने वाले इलाज (फोरहैड लिफ्ट सर्जरी) की प्रक्रिया के बाद मरीज को दर्द से कुछ राहत मिलती है, तब उन्होंने सर्जरी की नई तकनीक को विकसित किया। डॉ. गायुरॉन ने अपने अध्ययन के लिए 69 मरीजों को शामिल किया। सर्जरी से पहले प्रत्येक को बोटॉक्स थेरेपी दी गई ताकि सही ट्रिगर स्थलों का पता चल सके। अधिकतर मरीजों में दो ट्रिगर स्थलों पर सर्जरी को अंजाम दिया गया। पांच साल बाद उन्होंने पाया 88 फीसदी मरीजों में इस दौरान काफी अच्छे परिणाम रहे। 59 फीसदी मरीजों के दर्द में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। वहीं, 29 फीसदी मरीजों का माइग्रेन पूरी तरह खत्म हो चुका था। शेष मरीजों के दर्द में कोई बदलाव नहीं हुआ था। यह भी देखा गया कि सर्जरी के बाद माइग्रेन के दर्द ने जल्दी-जल्दी पुनरावृत्ति नहीं की। माइग्रेन अटैक के बीच औसतन चार से 11 माह का अंतर आ गया। माइग्रेन का समय भी घट गया। सर्जरी के बाद इसका औसत समय आठ से 34 घंटे के बीच दर्ज किया गया था। इसके अलावा, जीवन की गुणवत्ता में भी महत्वपूर्ण सुधार देखा गया। डॉ. गायुरॉन ने बताया कि अध्ययन के परिणामों ने ठोस प्रमाण दिए हैं कि सर्जरी के द्वारा एक या ज्यादा ट्रिगर स्थलों को निष्कि्रय करने से इसकी बार-बार आने की प्रवृत्ति, तीव्रता और समय को खत्म या सुधारा जा सकता है। अध्ययन के परिणाम बेहद उत्साहजनक रहे हैं। शोधकर्ताओं के दल ने कहा कि सर्जरी की तकनीक को सुधारने और इलाज के प्रभाव के कारणों को ज्यादा स्पष्ट करने के लिए और गहन शोध की जरूरत पड़ेगी। ब्रिटेन में चार महिलाओं और 12 पुरुषों में से एक माइग्रेन की समस्या से ग्रस्त है। माइग्रेन एक्शन के निदेशक ली टॉमकिंस का कहना है कि यह बेहद रोचक अध्ययन है और हमने पहली बार माइग्रेन की ऐसी सर्जिकल तकनीक के बारे में सुना जो माथे से शुरू होती है। उन्होंने कहा कि जो कुछ भी माइग्रेन के दर्द को कम करने या खत्म करने में सहायक होगा उसका स्वागत है।
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