Tuesday, February 22, 2011

दवा के अनावश्यक इस्तेमाल से कैंसर


यदि आप नशा नहीं करते है तो भी कैंसर के शिकार हो सकते हैं। इसकी वजह है शरीर में पाए जाने वाले पी- 53 प्रोटीन की कमी। यह प्रोटीन शरीर में मिलने वाले दूसरे प्रोटीन से अभिक्रिया कर उसकी गुणवत्ता सुधारता है। पी- 53 सबसे अधिक पैक्स- 6 नामक प्रोटीन से अभिक्रिया करता है। इससे आंख, नाक और मस्तिष्क को मजबूती मिलती है। यह जानकारी बीएचयू के वैज्ञानिकों को शोध के दौरान मिली है। शोध के अगले चरण में यह पता लगाया जा रहा है कि कैंसर से बचाव के लिए शरीर में इसकी न्यूनतम मात्रा कितनी होनी चाहिए। पी- 53 प्रोटीन शरीर के हर अंग में पाया जाता है। इसकी खास विशेषता यह भी है कि यह कोशिकाओं के विभाजन को रोकता है तथा कोशिका निर्माण में महत्वपूर्ण कार्य करता है। ज्यादा एक्सरे कराने तथा दवाओं के सेवन से इस प्रोटीन की क्षति होती है। रेडिएशन से बचाव तथा अनावश्यक दवाओं से परहेज कर इसकी क्षति को रोका जा सकता है।
नशा नहीं करने वालों में भी कैंसर के मामले मिलने के बाद बीएचयू के जंतु विज्ञान के एसोसिएट प्रोफेसर डा. रत्नाकर मिश्र के नेतृत्व में शोध छात्र रत्नाकर त्रिपाठी, कुमार शुभम, ब्रिज भारती की टीम ने एक साल पूर्व शोध प्रारंभ किया था। इस दौरान पाया गया कि कोशिकाओं को मजबूत करने के लिए सबसे प्रभावी पी- 53 प्रोटीन है। यह अन्य प्रोटीनों से अभिक्रिया कर उनकी गुणवत्ता में सुधार करता है।

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