Monday, February 7, 2011

उम्र बढ़ा सकता है हड्डी का इलाज


ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिकों का दावा है कि हड्डियों का इलाज करा रहे व्यक्ति न केवल अच्छे से जी रहे हैं बल्कि उनकी आयु में भी उन व्यक्तियों की तुलना में पांच साल तक के इजाफा होने के संकेत मिले हैं जिन्होंने इस इलाज से परहेज किया। सिडनी के गारवन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल रिसर्च की टीम ने कुल दो हजार लोगों में से 121 लोगों के एक समूह का तीन साल तक बाइस्फोस्फोनेट से इलाज किया। इस दल की तुलना उन अन्य दलों से की गई जिनका इलाज विटामिन डी या हार्मोन थेरेपी से हो रहा था और बाइस्फोस्फोनेट के इलाज से जुड़े लोगों की जिंदगी स्पष्ट तौर पर लंबी पाई गई। अध्ययन से जुड़े वैज्ञानिक प्रो. जैक्लीन सेंटर ने बताया, हमने जब पहली बार आंकड़ों को देखा तो हमें लगा कि कुछ गड़बड़ हुई होगी। एक चीज जो अवश्य हो सकती है वह यह कि ये लोग इलाज के कारण स्वस्थ्य रहते हैं और ज्यादा जीते हैं। इसलिए हमने उनकी तुलना विटामिन डी और कैल्शियम या हार्मोन थेरेपी से कराने वाले लोगों से की। उन्होंने बताया कि तुलनात्मक अध्ययन में इस बात की साफ पुष्टि हुई कि बाइस्फोस्फोनेट के इलाज से जुड़े लोग अन्य की तुलना में ज्यादा जीते हैं। सेंटर ने बताया कि 75 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को अगर ऑस्टियोपोरोसिस की वजह से हड्डियों में फ्रैक्चर हो तो उनमें से 50 फीसदी की पांच साल में मौत होने की आशंका रहती है। लेकिन बाइस्फोस्फोनेट से इलाज कराने वाली महिलाओं में मृत्युदर में दस फीसदी की कमी पाई गई। मुख्य अध्ययनकर्ता जैक्लीन ने बताया कि इसी तरह युवा महिलाओं के समूह में, जहां आप 5 सालों के दौरान 20 से 25 फीसदी की मृत्यु की उम्मीद करोगे, एक भी मौत नहीं देखी गई। बाइस्फोस्फोनेट से इलाज कराने वाले लोगों में पांच साल अतिरिक्त जिंदगी का आंकड़ा निरंतर बना रहा। शोधकर्ता खुद अपने परिणामों को लेकर कौतुहल में पड़े हुए हैं।


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