Sunday, February 20, 2011

परिवार नियोजन के लिए लगेंगे महज दो टीके


सब कुछ ठीक रहा तो डा. एसके गुहा की रिसर्च (अनुसंधान) परिवार नियोजन के क्षेत्र में नई क्रांति पैदा करेगी। डा. गुहा की अगुआई में तैयार किए जा रहे रिसूग नाम के टीके का ट्रायल अंतिम चरण में है। उम्मीद है अगले दो साल में यह टीका बाजार में आ जाएगा, जिसके बाद सिर्फ एक बार टीका लगाने से करीब दस साल तक पुरुष बच्चा पैदा नहीं कर सकेंगे। जब मर्जी इस टीके को बेअसर कर पिता बनने की इच्छा वे पूरी कर सकते हैं। स्कूल ऑफ मेडिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी, आइआइटी, खड़गपुर में कार्यरत डा. गुहा ने बताया कि वह 70 के दशक से इस टीके के लिए अनुसंधान कर रहे हैं। 1975 से 85 तक टीके का चूहे, खरगोश व दो प्रजातियों के बंदरों पर सफल परीक्षण किया। जुलाई, 1989 में परीक्षण का दूसरा चरण शुरू हुआ और अब इंसानों पर परीक्षण के तौर पर अंतिम चरण क्लीनिकल ट्रायल का चल रहा है, जो वर्ष 2000 में शुरू हुआ था। गुहा बताते हैं कि इस कड़ी में देश के विभिन्न सेंटरों पर करीब 500 लोगों को यह टीका लगाया जाएगा। अब तक 200 लोगों को टीका लगाया जा चुका है। उन्होंने कहा, परिवार नियोजन के लिए ये दो टीके हाइड्रोसिल के ऊपर से गुजरने वाली दोनों नसों में एक ही जगह यानी सुराख में लगाए जाते हैं। इसका असर करीब दस साल तक रहता है। इस बीच बच्चे पैदा करने की इच्छा हो तो उसी तरह दोनों नसों में एक-एक टीका लगाकर पहले के टीके को बेअसर कर दिया जाएगा। गुहा ने कहा, अगले करीब दो साल में यह टीका लोगों को उपलब्ध होगा।


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