माता-पिता हमेशा अपने बच्चों को अच्छी आदतें सिखाना चाहते हैं लेकिन अगर माता या पिता या फिर दोनों को धूम्रपान की लत है तो यह लत उनके बच्चों को भी लग सकती है। एक सर्वेक्षण से इस बात का खुलासा हुआ है कि माता जहां अनजाने में अपनी बेटी में धूम्रपान की लत विकसित करती है, वहीं बेटा, पिता को धूम्रपान करते देख इसकी ओर आकर्षित होता है। इस सर्वेक्षण के माध्यम से एक और तथ्य सामने आया है। माता को धूम्रपान करता देख बेटा आमतौर पर इसके प्रति आकर्षित नहीं होता। इसी तरह पिता अगर धूम्रपान करते हैं तो इससे बेटी को यह बुरी लत नहीं लगती। इस सर्वेक्षण का नतीजा वर्ष 1994 से 2002 के बीच कराए गए ब्रिटिश हाउसहोल्ड पैनल सर्वे से मिली सूचना पर आधारित है। इस सर्वेक्षण की रिपोर्ट ऑक्सफोर्ड बुलेटिन ऑफ इकोनॉमिक्स एंड स्टेस्टि्क्स में प्रकाशित हुई है। सर्वेक्षण से जुड़ी मारिया लाउरेरो ने कहा कि हमने यह आंकड़ा इसलिए अपने सर्वेक्षण में शामिल किया है क्योंकि इसमें उन वस्तुओं की विस्तृत जानकारी दी गई है, जिनका उपयोग घरों में होता है। इसमें तंबाकू भी शामिल है। इससे हमें यह पता लगाने में मदद मिली कि तंबाकू की लत एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में कैसे जाती है। लाउरेरो स्पेन स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ सैंटियागो दी कॉम्पोस्टेला (यूएससी) की शोधकर्ता हैं। वह इस सर्वेक्षण की रिपोर्ट की सह-लेखिका हैं। यह सर्वेक्षण मुख्य रूप से उन घरों पर आधारित है, जहां माता-पिता दोनों मौजूद रहते हैं और साथ ही साथ उन घरों पर भी आधारित हैं जहां मुख्य रूप से मां मुखिया होती है। लाउरेरो ने कहा कि प्राप्त परिणाम के आधार पर यह पाया गया कि जहां तक धूम्रपान की लत की बात है तो सामाजिक और वित्तीय कारणों को ध्यान में रखते बेटी बहुत स्वाभाविक ढंग से मां से धूम्रपान का लत सीख लेती है। इसी तरह बेटा पिता को देखकर धूम्रपान का आदी हो जाता है। जिन घरों में माता-पिता दोनों धूम्रपान करते हैं, वहां 24 फीसदी बेटे धूम्रपान की लत का शिकार हो जाते हैं। इन घरों में धूम्रपान की शिकार बेटियों का प्रतिशत 23 होता है। हां इतना जरूर है कि जिन घरों में माता-पिता धूम्रपान नहीं करते, वहां यह प्रतिशत आधा हो जाता है।
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