Wednesday, February 16, 2011

कैंसर, हृदय रोग होंगे सबसे बड़े जानलेवा


भारत में कैंसर और दिल की बीमारियों के संबंध में स्वास्थ्य विषय की अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पत्रिका लांसेट ने कहा है कि आगामी बीस साल में देश में कैंसर और दिल संबंधी बीमारियों से ज्यादा मात्रा में मौतें होंगी और इस कारण लंबी अवधि की बीमारियों से होने वाली मौतों की कुल मात्रा में भी बढ़ोतरी होगी। पत्रिका के अनुसार कैंसर से होने वाली मौतों की संख्या साल 2004 के 73,000 के मुकाबले साल 2030 तक साढ़े दस लाख पहंुचने की आशंका है। दूसरी तरफ, दिल संबंधी बीमारियों से होने वाली मौतों की संख्या साल 2004 के 20.70 लाख के मुकाबले साल 2030 तक 40 लाख तक होने की आशंका है। इसके अलावा अगले 25 सालों में देश की जनसंख्या भी बढ़ेगी जिससे कुल मौतों की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी। इनमें से ज्यादा मौतें लंबी और दीर्घकालिक बीमारियों के चलते होंगी। हालांकि पत्रिका के अनुसार साल 2004 से साल 2030 के बीच संक्रामक बीमारियों, मातृत्व, प्रसव और पोषण संबंधी कारणों से होने वाली मौतों की संख्या में कमी आएगी। दूसरी तरफ इसी अवधि में अकाल मृत्यु की संख्या भी बढे़गी जिसमें सड़क दुर्घटना और आत्महत्या प्रमुख होंगे। 60 साल की उम्र से पहले कोरोनरी हृदय रोग से होने वाली मौतों के कारण जीवनकाल कमी आ जाएगी। 2004 में यह आंकड़ा 70.10 लाख था जो 2030 तक 1.79 करोड़ तक पहुंच जाएगा, जो चीन, अमेरिका और रूस तीनों को मिलाकर प्राप्त हुए अनुमानित आंकड़ों से भी ज्यादा है।

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