Friday, February 11, 2011

लंबे समय तक धूम्रपान कम करता है याददाश्त


लंबे समय से धूम्रपान करने वाले लोगों के मस्तिष्क का ग्रे मैटर (तंत्रिका कोशिकाएं) क्षतिग्रस्त हो जाने से धूम्रपान न करने वालों की तुलना में उनके संज्ञानात्मक (बोध संबंधी) कार्य प्रभावित होने लगते हैं। विचार करने की शक्ति, याददाश्त और सूचना संबंधी प्रक्रियाएं जैसे संज्ञानात्मक कार्यो के चलते हम नई चीजें सीखते हैं और हमसे जो कुछ कहा जाता है उसे समझ पाते हैं। जर्नल न्यूरोइमेज के मुताबिक वेस्टर्न आस्ट्रेलिया विश्वविद्यालय के शोध निदेशक ओस्वाल्डो अल्मीडा ने अपने अध्ययन में पाया है कि लंबे समय से धूम्रपान कर रहे वाले लोगों के मस्तिष्क के कुछ हिस्सों का ग्रे मैटर क्षतिग्रस्त हो जाता है। लंबे समय तक धूम्रपान करते रहे जिन लोगों ने अध्ययन के दौरान धूम्रपान नहीं किया, उनमें धूम्रपान न छोड़ने वालों की तुलना में कम मस्तिष्क कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हुई और उन्होंने बेहतर बौद्धिक कार्य किए। अल्मीडा ने कहा, दो साल की अवधि के दौरान जिन लोगों ने धूम्रपान नहीं किया, उनकी याददाश्त में उतनी ही कमी हुई जितनी कि कभी भी धूम्रपान न करने वालों की याददाश्त में हुई। अध्ययन में 332 प्रतिभागियों को शामिल किया गया था।



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