Friday, February 25, 2011

गांवों तक डॉक्टरों को पहुंचाने की तैयारी में लगा अड़ंगा


भारत के गांवों तक डॉक्टरों को पहुंचाने की तैयारी में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआइ) ने अड़ंगा लगा दिया है। देश के सभी राज्यों के सहमत होने के बाद केंद्र सरकार ने इसके लिए प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी। गांवों से डॉक्टरों की कमी को दूर करने वाले इस कोर्स को शुरू करने के लिए आर्थिक मदद से ले कर दूसरी सभी तैयारियां भी कर ली गई थीं, लेकिन अब एमसीआइ ने बैचलर ऑफ रूरल हेल्थकेयर (बीआरएचसी) के लिए अधिसूचना जारी करने से ही इंकार कर दिया है। जबकि मूल रूप से यह प्रस्ताव खुद एमसीआइ ने ही तैयार किया था। एमसीआइ संचालक मंडल के प्रमुख एसके. सरीन ने दैनिक जागरण से बातचीत में माना कि स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से इस संबंध में भेजी गई फाइल लौटा दी गई है। हालांकि उनका कहना था कि हमने इसे अधिसूचित करने से इंकार नहीं किया, बल्कि सिर्फ एक सुझाव दिया है। हमारा कहना है कि इसकी निगरानी और संचालन के लिए अलग से कोई परिषद बनाई जानी चाहिए। क्योंकि हम सिर्फ डॉक्टरी के पाठ्यक्रमों और मेडिकल कालेजों को ही देखते हैं। सरीन ने कहा कि वे या एमसीआइ इस कोर्स के विरोध में नहीं। वे भी चाहते हैं कि यह शुरू हो और गांवों में प्रशिक्षित चिकित्सकों की कमी को दूर किया जा सके, लेकिन सरकार को इसके लिए अलग से व्यवस्था करनी चाहिए

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