जिंदगी को धुएं में उड़ाने वाले नहीं जानते कि सिगरेट का पहला कश ही इतना हानिकारक होता है कि धूमपान करने के 15 से 30 मिनट के भीतर जीन पर उसका असर पड़ना शुरू हो जाता है। वह भी इस जीन पर, जिसका संबंध कैंसर से होता है। अमेरिकी शोधकर्ताओं का मानना है कि धूमपान के दौरान पहले कुछ कश शरीर पर इतनी तेजी से असर करते हैं कि मानों जहरीले पदार्थो को सीधे रक्त में डाला गया हो। अमेरिकन कैमिकल सोसायटी द्वारा जारी पत्रिका कैमिकल रिसर्च इन टॉक्सिकोलॉजी में प्रकाशित खबर के अनुसार मनुष्य के डीएनए पर तंबाकू के प्रभाव को जानने के लिए किया गया यह पहला शोध है। धूमपान करने वाले 12 लोगों पर किए गए शोध में वैज्ञानिकों ने पाया कि सिगरेट के धुएं के साथ पॉलिसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन नामक जहरीले पदार्थ शरीर के भीतर प्रवेश करते हैं, जो जीन के लिए बहुत ही हानिकारक होते हैं। शरीर में जाने के 15 मिनट से लेकर 30 मिनट के भीतर सिगरेट का जहरीला धुआं दुष्प्रभाव डालना शुरू कर देता है। अध्ययन का नेतृत्व करने वाले वैज्ञानिक स्टीफेन हेच ने बताया कि दुनिया में फेफड़ों के कैंसर से रोजाना तीन हजार लोगों की मौत होती है तथा इसमें से 90 प्रतिशत मौतों का कारण धूमपान होता है।
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