Saturday, January 15, 2011

सूंघने की शक्ति बताएगी कितनी बची जिंदगी

वृद्धावस्था में अगर सूंघने की शक्ति कम हो रही है तो समझ लीजिए कि आपकी जिंदगी के बचे दिनों की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। यह दावा एक नए शोध में किया गया है। शिकागो के रश यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर के वैज्ञानिकों ने अपने शोध में पाया कि जो व्यक्ति जितना अधिक गंध को सूंघ सकता है उसके उतने ही अधिक दिन तक जीवित रहने की संभावना रहती है। अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने 53-100 वर्ष की आयु वर्ग के एक हजार से अधिक लोगों का 12 वस्तुओं के सूंघने का टेस्ट लिया। ब्रिटिश अखबार डेली मेल ने प्रमुख शोधकर्ता रॉबर्ट विल्सन के हवाले से बताया कि टेस्ट में धूमपान, नींबू, काली मिर्च, चॉकलेट और दालचीनी जैसी कई चीजों की महक को शामिल किया गया। इसकी महक से आमतौर पर लोग परिचित होते हैं। उसके बाद शोधकर्ताओं ने उन प्रतिभागियों का परीक्षण किया जिनको पिछले चार वर्षो में डिमेंशिया (धीरे-धीरे याददाश्त जाना) या पर्किंसन रोग नहीं था। इस दौरान शोध में शामिल हुए 321 लोगों की मृत्यु हो गई। शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन लोगों ने केवल छह वस्तुओं के गंध की पहचान की उनमें उन लोगों की तुलना में मौत की संभावना 36 प्रतिशत अधिक पाई गई जिन्होंने 11 वस्तुओं के गंध की पहचान की। यह निष्कर्ष उस समय भी सही पाया गया जब उम्र, अशक्तता, अवसाद, मस्तिष्क रोग और खाली समय में की जाने वाली गतिविधियों को भी अध्ययन में शामिल किया गया।


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