Sunday, January 23, 2011

स्टेम सेल से गर्भ में ही बच्चे का इलाज


वैज्ञानिकों ने एक ऐसा स्टेम सेल उपचार विकसित करने का दावा किया है जिसमें एक महिला की अस्थि मज्जा (बोन मैरो) से उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की रक्त संबंधी बीमारियों का इलाज हो सकता है। वैज्ञानिकों की टीम में एक भारतीय विशेषज्ञ भी शामिल हैं। इससे पहले तक डॉक्टर लंबे समय से अजन्मे बच्चे में स्टेम सेल प्रत्यारोपित करने से हिचकते रहे हैं। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के डॉक्टर अमर निजागल और उनके सहयोगियों ने यह महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। उन्होंने अपने प्रयोग में एक गर्भवती महिला की बोन मैरो कोशिकाओं को लिया और उन्हें गर्भ में पल रहे एक भ्रूण में प्रत्यारोपित कर दिया। भ्रूण के विकसित हो रहे प्रतिरक्षा तंत्र ने इन कोशिकाओं को बिना किसी दवा के स्वीकार कर लिया। ब्रिटिश अखबार डेली मेल की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि इससे पूर्व यह प्रयोग जानवरों पर किया गया। यह पहला मौका है जब वैज्ञानिक गर्भवती की स्टेम कोशिकाओं को जन्म से पहले उसके बच्चे में प्रत्यारोपित करने में सफल हुए हैं। अध्ययन का नेतृत्व कर रहे डॉ. टिप्पी मैककेंजी ने कहा, यह प्रयोग सचमुच बहुत उत्साहजनक है क्योंकि यह हमें अजन्मे बच्चे के इलाज के लिए एक सीधा-साधा समाधान पेश करता है।


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